Recap = अभी तक आप ने साक्षी ओर देव की कहानी मे पडा कि कैसे एक दुर्धटना के बाद दोनो की आत्मा आपस मे बदल गई ।
** साड़ी, कोडिंग और संगीत का महासंग्राम**
एक सप्ताह बीत चुका था। दोनों ने समाज के डर से अपने-अपने घरों में रहकर एक-दूसरे का किरदार निभाने की कोशिश शुरू की। लेकिन यह इतना आसान नहीं था।
**१. साड़ी और पौरुष: साक्षी (देव की आत्मा) का संघर्ष**
साक्षी के घर में आज 'महारानी लक्ष्मीबाई' नाटक की पहली रिहर्सल थी। **साक्षी (जिसमें देव की आत्मा है)** को नौवारी साड़ी पहननी थी। देव, जो कभी पांच मिनट में ऑफिस के लिए तैयार हो जाता था, आज साड़ी के घेरे और पिनों में उलझ गया।
> **साक्षी (देव की आवाज़ में):** "हे ईश्वर! यह साड़ी है या कोई उलझा हुआ कोड? इसे संभालना तो सर्वर कॉन्फ़िगरेशन से भी कठिन है।"
उसने जैसे-तैसे साड़ी पहनी, लेकिन चलते समय उसके कदम इतने भारी और 'मर्दाना' थे कि साड़ी की प्लेट्स बार-बार खुल जातीं।
**२. दफ्तर का पहला दिन: देव (साक्षी की आत्मा) की डांट**
उधर, देव के ऑफिस में मीटिंग चल रही थी। **देव (जिसमें साक्षी की आत्मा है)** बॉस के सामने बैठा था। साक्षी का कोमल मन देव के शरीर के पीछे छिपा था। जब बॉस ने प्रोजेक्ट में देरी के लिए देव को जोर से डांटा, तो साक्षी की आँखों में पानी भर आया।
उसका मन किया कि वह जोर-जोर से रो पड़े, लेकिन उसने याद किया कि वह 'देव' के शरीर में है। उसने अपने होंठों को भींच लिया और अपनी रुलाई को अंदर ही दबा लिया। वह रो तो नहीं पाया, पर उसकी कांपती आवाज़ और झुके हुए कंधे देखकर सहकर्मी हैरान थे।
**३. स्वाद की अदला-बदली और मित्रों का आश्चर्य**
शाम को अमित और नेहा (जिन्हें सच पता था) उनके साथ एक फूड स्टॉल पर मिले। उनके साथ कुछ ऐसे दोस्त भी थे जो इस 'आत्मा विनिमय'(soul Exchange) से अनजान थे।
* **देव (साक्षी की आत्मा):** उसने तड़पकर गोलगप्पे (पानी-पूरी) का ऑर्डर दिया। वह बड़े चाव से तीखा पानी पी रहा था।
> **अनजान दोस्त:** "अरे देव! तुझे तो तीखे से नफरत थी और तू तो हमेशा जिम डाइट की बातें करता था, ये गोलगप्पे कब से?"
* **साक्षी (देव की आत्मा):** उसने बड़े आराम से दही-भल्ले मँगवाए।
> **अनजान सहेली:** "साक्षी! तू और दही-भल्ले? तू तो कहती थी कि तुझे गोलगप्पे के बिना चैन नहीं आता।"
अमित और नेहा एक-दूसरे को देख रहे थे, क्योंकि वे जानते थे कि **देव दही-भल्ले खा रहा है (साक्षी के मुँह से) और साक्षी गोलगप्पे खा रही है (देव के मुँह से)।**
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**सीखने का संघर्ष और अमित की शादी**
एक सप्ताह के कड़े अभ्यास के बाद, परिणामों ने सबको चौंका दिया:
* **देव (साक्षी की बॉडी में):** देव ने हार नहीं मानी। उसने दर्पण के सामने घंटों अभ्यास किया और अब वह लगभग ८०% एक्टिंग सीख चुका था। साक्षी की देह अब देव के संकेतों पर कोमलता और नज़ाकत दिखा रही थी।
* **साक्षी (देव की बॉडी में):** यहाँ स्थिति विपरीत थी। साक्षी जब भी लैपटॉप खोलती, उसे 'लॉजिक' समझ नहीं आता। सबसे बड़ी समस्या उसके **हाथ** थे। वह जब भी कीबोर्ड पर हाथ रखती, उसे देव के सख्त और बड़े हाथ देखकर डर लग रहा था। वह कोडिंग सीख ही नहीं पा रही थी।
**अमित की शादी का समारोह:**
तभी उनके पक्के दोस्त अमित की शादी का संगीत समारोह शुरू हुआ। देव (साक्षी बनकर) और साक्षी (देव बनकर) वहां पहुंचे। देव को साक्षी बनकर डांस करना था। उसने बहुत सफाई से अपना डांस परफॉर्म किया, किसी को भनक भी नहीं लगी कि यह 'देव' नाच रहा है। साक्षी (देव बनकर) एक कोने में खड़ी होकर पुरुषों की तरह व्यवस्था देख रही थी। अमित खुश था कि उसके दोस्त उसके साथ हैं, उसे उनकी आंतरिक अदला-बदली का अंदाज़ा भी नहीं था।
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**किडनैपिंग की कोशिश और एक नया सस्पेंस**
शादी समारोह अपने समापन की ओर बढ़ रहा था। मेहमान जा चुके थे। **साक्षी (जिसमें देव की आत्मा है)** पार्किंग की ओर जा रही थी। तभी अचानक अँधेरे से वह रहस्यमयी ट्रक ड्राइवर और उसका एक साथी बाहर निकले। उन्होंने साक्षी को चारों ओर से घेर लिया।
**ड्राइवर:** "तू बहुत बच रही है लड़की! आज तेरा काम तमाम होकर रहेगा।"
वे साक्षी (जिसमें देव है) को किडनैप करने की कोशिश करने लगे। लेकिन वे एक बात भूल गए थे—कि साक्षी के नाज़ुक शरीर के भीतर **देव का गुस्सैल और मज़बूत पौरुष** छिपा था।
देव (साक्षी के शरीर में) ने जब अपनी आप को मुसीबत में देखा, तो उसका खून खौल उठा। उसने साक्षी के छोटे से मुक्के को इतनी ताकत से ड्राइवर के चेहरे पर मारा कि वह पीछे जा गिरा। दूसरे साथी ने जब हमला किया, तो साक्षी (देव की आत्मा) ने उसे कराटे की ऐसी किक मारी कि वह कराह उठा। साक्षी के शरीर ने ऐसी फुर्ती और ताकत दिखाई कि दोनों हमलावर डर के मारे भाग खड़े हुए।
**साक्षी (देव की आवाज़ में - गंभीर और चिंतित):** (भागते हुए ड्राइवर की ओर चिल्लाते हुए) "सुन! तू कौन है? और तुझे हमसे क्या प्रॉब्लम है? तू क्यों हमारे पीछे पड़ा है? बोल!"
दोनों हमलावर तो भाग गए, लेकिन देव (साक्षी के शरीर में) बहुत चिंतित हो गया। उसे समझ नहीं आ रहा था कि उनकी पहचान तो बदल चुकी है, फिर भी यह ड्राइवर उन्हें क्यों मारना चाहता है? और सबसे बड़ा सवाल—उसने यह हमला केवल साक्षी पर ही क्यों किया? क्या साक्षी का कोई ऐसा राज़ है जो देव नहीं जानता?
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**अगले एपिसोड में:** क्या देव उस ड्राइवर के इरादों का पता लगा पाएगा? और क्या कोडिंग न सीख पाने के कारण साक्षी (देव बनकर) का करियर डूब जाएगा?
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