कैसे एक ट्रक ने देव और साक्षी को टक्कर मार दी थी और दोनों को अत्यंत गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया। वहाँ दोनों छह महीने तक कोमा में रहे। डॉक्टरों ने इसे बेहद गंभीर दुर्घटना बताया था।
फिर एक दिन जब दोनों को होश आया, तो उनके व्यवहार को देखकर घर वाले परेशान हो गए। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि ऐसा भी हो सकता है। लेकिन यह संसार अपने आप में एक चमत्कार है, और यहाँ चमत्कारों की संख्या अनंत है।
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अब आगे ==
## देव ओर साक्षी को अब ये पता चल गया था कि कोई तो है जो उनको मारना चाहता है
लेकिन कौन ये नहीं पता चल रहा था
एक दिन
## साक्षी (देव)से कहती है==
"सुनो देव(साक्षी) तुम से कह रही हूँ, अब देव ही तुम्हारा नाम है
और तुम देव हो "
"साक्षी वाली सारी बातें छोड़ो, देव बनो और यूँ ठुमक ठुमक के ना चला करो" साक्षी (देव)
हँसते हुए,
साक्षी(देव) नाचते हुये Video link
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देव(साक्षी)==
"क्या करूँ बचपन से ऐसे ही चल रही हूँ,सॉरी अब चल रहा हूँ,
मुझे क्या पता था एक दिन लड़का बनूँगी , वो भी देव, देखो कठिन तो है,"
"मुझे ऐसा लगता है जैसे , सब लोग मेरी तरफ ही देख रहे है, हमें कुछ तो करना चाहिए,"
"कोई तांत्रिक ही ढूँढो पर अब तो मुझे ही ढूँढना पड़ेगा,
## तुम तो लड़की बन गए हो पर मेरे साथ रहना,सब मेरे मसल देख के डर जाते है,
वैसे मैं भी डर जाती हूँ, कहाँ मेरी गोरी कोमल स्किन,
अब पत्थर जैसे फील होती है, ऊपर से ये तुम्हारा कीबोर्ड कैसे काम करते थे तुम ,
इन मोटी मोटी उँगलियों से इस पे"

## साक्षी(देव)==
"देखो दुखी मैं भी बहुत हूँ इस सूट दुपट्टे से, पर मैं समझता था कि लड़कियाँ
जानबूझ के दुपट्टा गिराती है, पर ये तो रुकता ही नहीं, और तुम्हारी ये गोरी स्किन
ऐसा लगता है जैसे दो महीने से कुछ खाया नहीं,और जब से तुम्हारा शरीर मिला है मुझे
ये बाल बनाना तो बहुत कठिन है,पता मम्मी बनाती है, क्यों ना हम सब को सच सच बता
दे कि हमारी आत्मा आपस में बदल गयी है, फिर सब हम से अच्छे से व्यव्हार करेंगे,
मैं अपने पुराने मित्रों के ग्रुप में जा सकूँगा, सब मेरे मित्र मेरी हेल्प करेंगे,
कल तुम्हारी सहेली का फोन आया था अपने बॉयफ्रेंड के बारे में बता रही थी, अब उसे क्या पता
कि मैं देव हूँ साक्षी के शरीर में, "
## देव(साक्षी)==
"बात तो तुम सही कह रहे हो, कल मुझे भी तुम्हारे दोस्त मूवी के लिए बुला रहे थे
और कह रहे थे गुलाबो भी जायेगी हमारे साथ ये गुलाबो कौन है,"
## साक्षी(देव)हँसते हुए ==
"वो उसकी गाड़ी का नाम है , उसके पास थार है उसे वो गुलाबो बुलाता हम सभी उसकी
थार को गुलाबो ही कहते है,"
## देव(साक्षी)==
"तो सब को बता दे क्या पता कोई हल निकल आये हमारी समस्या का,
या ऐसा करते है पहले मैं अपनी सहेलियों को बताती हूँ,
उसके बाद तुम्हारे दोस्तों को बताएँगे, ठीक"

## साक्षी(देव)==
" चलो ये भी कर के देख लेते है,
तुम बुलाओ अपनी सहेलियों को घर पे अपने साक्षी वाले घर पे,
मैं थोड़ी देर में आऊँगा, पर मुझे ही बुलाना पड़ेगा तुम्हारा तो देव हो,
साक्षी तो मैं ही हूँ,मैं फोन करके सब को बुला लेता हूँ , सॉरी बुला लेती हूँ,"
# देव(साक्षी)==
"ठीक है देखते सब का रिएक्शन, "
## साक्षी(देव) साक्षी की सहेलियों को फोन करके घर पे बुलाती है, साक्षी की टोटल 5
सहेलियाँ है, जो बचपन से परिचित है, कल शाम का समय है सभी सहेलियों के मिलने का,
उसके बाद ही देखते है क्या होता है.
# नया दिन नया नयी आशा के साथ देव और साक्षी , साक्षी की सहेलियों को सच बताने वाले है,
साक्षी और देव दोनों यही सोच रहे है उनकी सहेलियों की रिएक्शन क्या होगी,
देव(साक्षी)साक्षी(देव)से कहती है==
देखो पहले तुम उनको सब कुछ जो सच है जैसे है वैसे बता देना अगर उनको सच ना लगा
तब मैं उनको पुरानी बातों से स्मरण करवाऊँगी,

## घर की बेल बजती है साक्षी(देव) साक्षी की सहेलियों को रिसीव करता है , सहेलियों में सबसे
तेज सहेली का नाम है कविता,
कविता साक्षी(देव)से पूछती है==
क्या हुआ हम सब को एक साथ बुलाया है कहीं शादी तो पक्की नहीं हो गयी,
साक्षी(देव)==
नहीं ऐसी कोई बात नहीं है एक बात आप सब को बतानी है, एक्सीडेंट के बारे में,
कविता=
क्या ट्रक ड्राइवर पकड़ा गया,
साक्षी(देव)==
नहीं कविता बैठो तो सही क्या लोगे चाय या कॉफ़ी या कोल्ड ड्रिंक,
कविता=
(सब की ओर देख के) चाय ठीक है, पर बात तो बता, इतना सस्पेंस क्यों,
## साक्षी(देव)==
तुम सब मेरी फ्रेंड्स हो तुम को पता है मेरा एक्सीडेंट हुआ था, उस एक्सीडेंट के बाद मेरी
आत्मा देव के साथ बदल गयी, अब मैं साक्षी(देव) नहीं हूँ साक्षी के शरीर में देव हूँ,
(इतना सुनते ही सब चुप हो गए, कविता ने लम्बी साँस छोड़ते हुए पूछा,
कविता==
साक्षी कहाँ है, ये सच या प्रैंक कर रही हो, देखने तो तुम साक्षी ही लगती हो,अगर तुम
साक्षी नहीं हो तो साक्षी कहाँ है,

(इतने में देव रूम में एंटर करता है और कहता है)
ए
देव(साक्षी)== कविता मैं साक्षी हूँ, मेरा शरीर ज़रूर देव का है पर मैं साक्षी ही हूँ,
एक्सीडेंट के 6 महीने कोमा में रहने के बाद हमारी आत्मा बदल गयी या शरीर बदल गया,
मेरा शरीर देव का है, आवाज़ देव की है, पर मन और आत्मा से मैं साक्षी हूँ,
कविता ==
एक मिनट ये क्या है तुम्हें क्या मैं इतनी बच्ची जैसी लगती हूँ कि मान जाऊँगी,
ये सब प्रैंक है, मैं समझ गयी
साक्षी(देव)==
तो तुम्हें कैसे प्रूफ करे, बताओ.
कविता==
सोचने दो थोड़ा
( बाकी अगले भाग में )
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